Haryana Goverment Land Acquisition Scheme

हरियाणा सरकार की Land Acquisition Scheme : विकास के लिए 35,500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

Realzapp expert mr k yashwant
Written by Realzapp Expert

August 30, 2025

Land Acquisition Scheme

परिचय: हरियाणा में विकास की नई लहर (Land Acquisition Scheme Overview)

Table of Contents

अगर आप हरियाणा के किसी गांव में रहते हैं, जैसे फरीदाबाद, रोहतक, जिंद या अंबाला के आसपास, और आपकी जमीन विकास की राह में बाधा नहीं बल्कि अवसर बन सकती है, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। हरियाणा सरकार ने एक क्रांतिकारी योजना शुरू की है – Land Acquisition Scheme – जिसके तहत कुल 35,500 acres जमीन को residential development और industrial development के लिए अधिग्रहित किया जाएगा। यह योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक है, मतलब अगर आप चाहें तो ही अपनी जमीन बेचें, और वह भी सीधे सरकार को।

हरियाणा, जो भारत का एक प्रमुख कृषि प्रधान राज्य है, अब तेजी से शहरीकरण और औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहा है। यहां की मिट्टी सोना उगलती है, लेकिन अब समय आ गया है कि यह मिट्टी नए शहरों, फैक्टरियों और टाउनशिप्स को जन्म दे। HSVP (Haryana Shehari Vikas Pradhikaran) और HSIIDC (Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation) इस योजना को चला रही हैं। पूरी प्रक्रिया digital platform पर आधारित है, यानी e-Bhoomi portal के माध्यम से। इससे पारदर्शिता बनी रहती है, और कोई दलाल या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा को एक स्मार्ट स्टेट बनाना है। कल्पना कीजिए, आपके गांव के पास एक नया टाउनशिप बने, जहां स्कूल, अस्पताल, रोड और फैक्टरियां हों। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आपकी बाकी जमीन की वैल्यू भी आसमान छू लेगी। इस ब्लॉग में हम हर पहलू पर विस्तार से बात करेंगे – लाभ से लेकर आवेदन प्रक्रिया तक।

हरियाणा की जनता के लिए यह योजना खास है क्योंकि यहां की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है, लेकिन युवा पीढ़ी नौकरियां चाहती है। सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक राज्य में नए इंडस्ट्रियल जोन्स बनें, जो दिल्ली-NCR से जुड़कर हरियाणा को आर्थिक हब बनाएं। योजना के तहत जमीन अधिग्रहण से प्राप्त फंड्स का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर में किया जाएगा, जैसे हाईवे, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के आसपास विकास। अगर आप एक किसान हैं या जमीन मालिक, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है।

आइए, इस योजना की पृष्ठभूमि पर गौर करें। हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में शहरीकरण की दर तेजी से बढ़ी है। 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की आबादी का 34% शहरी क्षेत्रों में रहता है, और यह संख्या 2025 तक 40% से ज्यादा होने की उम्मीद है। ऐसे में, residential development की जरूरत है ताकि लोग गांवों से शहरों की ओर पलायन न करें, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही सुविधाएं मिलें। Industrial development से हरियाणा को ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और IT सेक्टर में बूस्ट मिलेगा।

उदाहरण के लिए, गुड़गांव और फरीदाबाद पहले से ही NCR का हिस्सा हैं, लेकिन अब रोहतक, जिंद जैसे इलाकों को भी विकसित किया जा रहा है। योजना की कुल जमीन 35,500 एकड़ है, जो विभिन्न जिलों में बंटी हुई है। यह urban planning का एक मॉडल है, जहां सरकार प्राइवेट इन्वेस्टर्स को आकर्षित करेगी।

हरियाणा के संदर्भ में, जहां किसान आंदोलन अक्सर जमीन अधिग्रहण पर होते हैं, यह योजना अलग है क्योंकि यह voluntary land sale पर आधारित है। कोई जबरदस्ती नहीं, सिर्फ सहमति। सरकार ने e-Bhoomi पोर्टल को इसलिए लॉन्च किया ताकि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग आसानी से आवेदन कर सकें। पोर्टल पर मैपिंग, रेट्स और डिटेल्स सब उपलब्ध हैं। योजना से पर्यावरणीय पहलू भी जुड़े हैं – agricultural land conversion में ग्रीन बेल्ट्स और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। हरियाणा में जहां जल संकट है, वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोलर एनर्जी को प्रमोट किया जाएगा।

इस योजना का प्रभाव हरियाणा की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अनुमान है कि इससे 1 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा होंगे। छोटे किसानों के लिए यह मौका है कि वे अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचकर बाकी पर आधुनिक खेती करें। बड़े लैंडओनर्स टाउनशिप में पार्टनरशिप कर सकते हैं। सरकार ने बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान किया है। योजना की शुरुआत 2024 में हुई, और अब 30 अगस्त 2025 है, तो आवेदन की अंतिम तिथि कल है – 31 अगस्त 2025। देर न करें! इस सेक्शन में हमने योजना का ओवरव्यू दिया, आगे डिटेल्स में जाएंगे। कुल मिलाकर, यह हरियाणा को नई दिशा देगी, जहां ग्रामीण और शहरी विकास साथ-साथ चलेगा। (शब्द गणना: 850+)


जमीन मालिकों के लिए लाभ: क्यों भाग लें? (Benefits for Landowners)

Haryana Goverment Land Acquisition Scheme

हरियाणा के किसानों और जमीन मालिकों, आपकी मेहनत से उगाई गई फसलें अब विकास की फसलें बन सकती हैं। Landowner Benefits इस योजना का सबसे आकर्षक हिस्सा हैं। सबसे पहले, safe transaction – यहां कोई दलाल नहीं, सीधे सरकार से डील। आपकी जमीन का मूल्यांकन बाजार दर से ज्यादा होगा, क्योंकि यह fair price पर आधारित है। सरकार competitive rate देगी, जो स्थानीय बाजार से ऊपर होगी।

कल्पना कीजिए, आपकी जमीन residential development में बदल जाए, और आसपास नए घर, अपार्टमेंट्स बनें। इससे आपकी बाकी संपत्ति की land appreciation potential बढ़ेगी। उदाहरण के लिए, अगर आप रोहतक के किसी गांव में रहते हैं, जहां नया टाउनशिप बन रहा है, तो आपकी जमीन की कीमत 20-30% तक बढ़ सकती है। Structured development से प्लान्ड टाउनशिप्स आएंगी, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रोड, बिजली, पानी की सुविधाएं होंगी।

हरियाणा government land buyback के तहत, सरकार आपकी जमीन खरीदकर आपको गारंटीड पेमेंट देगी। कोई ब्रोकरेज नहीं, मतलब आपकी कमाई पूरी आपकी जेब में। हरियाणा में जहां किसान आंदोलन होते हैं, यह योजना voluntary land sale पर आधारित है – कोई जबरदस्ती नहीं। अगर आप भाग नहीं लेते, तो कोई समस्या नहीं, लेकिन भाग लेने से future appreciation मिलेगा।

एक हरियाणवी किसान की कहानी: मान लीजिए, फरीदाबाद के खेड़ी कलां गांव का राम सिंह। उसने अपनी 5 एकड़ जमीन बेची, और अब उसके बच्चे नए इंडस्ट्रियल जोन में नौकरी कर रहे हैं। उसकी बाकी जमीन की वैल्यू दोगुनी हो गई। ऐसे कई उदाहरण हैं। Noble benefits of landowner participation में शामिल हैं: सुरक्षित लेन-देन, उचित मूल्य, और लंबी अवधि में लाभ।

इसके अलावा, योजना से पर्यावरणीय लाभ भी हैं। Agricultural land conversion से जमीन को इंडस्ट्रियल यूज में बदला जाएगा, लेकिन सरकार इको-फ्रेंडली डेवलपमेंट पर फोकस कर रही है। हरियाणा में जहां पानी की कमी है, वहां स्मार्ट इरिगेशन और ग्रीन जोन्स बनाए जाएंगे। जमीन मालिकों के लिए टैक्स बेनिफिट्स भी हो सकते हैं, जैसे कैपिटल गेंस टैक्स में छूट।

कुल मिलाकर, यह योजना हरियाणा के ग्रामीण इलाकों को शहरी स्तर पर ले जाएगी। आइए, और गहराई में जाएं। लाभों की लिस्ट में सबसे ऊपर है आर्थिक सुरक्षा। हरियाणा में किसान अक्सर सूखे या बाढ़ से प्रभावित होते हैं, लेकिन जमीन बेचकर वे निवेश कर सकते हैं – जैसे बच्चों की शिक्षा, नया व्यवसाय या बैंक में सेविंग्स।

Residential development से परिवारों को बेहतर जीवन मिलेगा। नए टाउनशिप्स में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मार्केट होंगे, जो हरियाणा के गांवों में कमी है। उदाहरण के लिए, अंबाला के नए टाउनशिप से स्थानीय लोगों को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Industrial development से फैक्टरियां आएंगी, जो हरियाणा के युवाओं को स्किल्ड जॉब्स देंगी। सरकार ने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स भी लिंक किए हैं। सामाजिक लाभ: महिलाओं के लिए सेफ एनवायरनमेंट, क्योंकि नए क्षेत्रों में सिक्योरिटी और लाइटिंग होगी। आर्थिक रूप से, अनुमान है कि प्रति एकड़ रेट 50 लाख से 2 करोड़ तक हो सकता है, लोकेशन पर निर्भर।

अब, संभावित जोखिमों पर बात। कुछ लोग सोचते हैं कि जमीन बेचने से विरासत खो जाएगी, लेकिन योजना में आप आंशिक जमीन बेच सकते हैं। Urban planning से ट्रैफिक और पॉल्यूशन कंट्रोल होगा। हरियाणा सरकार ने पिछले योजनाओं से सीखा है, जैसे मनोहर लाल खट्टर की पिछली स्कीम्स। भागीदारी से आप विकास का हिस्सा बनेंगे। कुल 35,500 एकड़ में आपका योगदान राज्य को मजबूत बनाएगा। अगर आप हरियाणा के जाट या किसान समुदाय से हैं, तो यह योजना आपके लिए डिजाइन की गई है –


ई-भूमि पोर्टल का उपयोग: स्टेप बाय स्टेप गाइड (e-Bhoomi Portal Guide)

ई-भूमि पोर्टल का उपयोग: स्टेप बाय स्टेप गाइड (e-Bhoomi Portal Guide)

हरियाणा के डिजिटल युग में आपका स्वागत! e-Bhoomi portal इस योजना का दिल है। यह smart land registration का एक उदाहरण है, जहां सब कुछ ऑनलाइन होता है। अगर आप हरियाणा के किसी गांव से हैं, जैसे बहादुरगढ़ या नारायणगढ़, तो यह पोर्टल आपकी जमीन को विकास से जोड़ सकता है। How to Use the e-Bhoomi Portal for Land Registration: सबसे पहले, वेबसाइट पर जाएं – e-Bhoomi portal। यह सरकारी साइट है, पूरी तरह से सुरक्षित। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार या मोबाइल यूज करें। लॉगिन के बाद डैशबोर्ड पर Land Acquisition Scheme का ऑप्शन चुनें।

डिटेल्स सबमिशन में खाता, खसरा, गांव, क्षेत्रफल डालें। दस्तावेज अपलोड: आईडी प्रूफ, जमीन पेपर्स। हरियाणा में पटवारी सिस्टम पुराना है, लेकिन यह डिजिटल तेज है। रेट्स चेक करें – फरीदाबाद में ज्यादा, क्योंकि NCR। Digital transparency से क्लियर। कंसेंट सबमिट करें, OTP से वेरिफाई। कन्फर्मेशन मिलेगा, ट्रैकिंग से स्टेटस चेक। यह 30 मिनट में पूरा।

विस्तार से: पोर्टल पर मैपिंग से देखें कि आपकी जमीन कहां है। जिंद के लिए NH-152D से दूरी। FAQ सेक्शन मदद करता है। Digital India Initiative से जुड़ा, ग्रामीणों के लिए आसान। अगर इंटरनेट नहीं, तो CSC सेंटर जाएं। सुरक्षा: SSL एन्क्रिप्शन, डाटा प्रोटेक्शन। हरियाणा में 70% ग्रामीण इंटरनेट यूजर्स, तो पहुंच आसान। स्टेप्स दोहराएं अगर एरर। पोर्टल से रेट्स की तुलना बाजार से। Voluntary land sale सुनिश्चित।

और डिटेल्स: रजिस्ट्रेशन में ईमेल वैरिफिकेशन। लैंड डिटेल्स में GPS कोऑर्डिनेट्स ऐड करें। अपलोड फाइल्स PDF में। रेट्स लोकेशन बेस्ड – रोहतक में एयरपोर्ट से ज्यादा। कंसेंट के बाद HSVP से कॉन्टैक्ट। ट्रैबलशूटिंग: पासवर्ड फॉरगॉट ऑप्शन। मोबाइल ऐप वर्शन जल्द। हरियाणा के लिए स्पेशल फीचर्स: हिंदी सपोर्ट, लोकल लैंग्वेज। योजना से जुड़े न्यूज अपडेट्स। कुल मिलाकर, यह urban planning को सपोर्ट करता है।


जमीन मालिकों के लिए मूल्य प्रस्ताव: व्यावहारिक फायदे (Landowner Value Proposition)

Practical Advantages for Participating Landowners को समझें। Guaranteed government buyback से पेमेंट समय पर। कोई ब्रोकरेज नहीं। Safe online process ट्रेसेबल। Future gains से वैल्यू बढ़ेगी। रोहतक में 25% इंक्रीज। LSI land appreciation potential

हरियाणा में कर्जदार किसानों के लिए राहत। नए जोन्स से रोजगार। महिलाओं के लिए इंसेंटिव्स। Township opportunities खोलती है। जोखिम कम, क्योंकि सरकारी। हरियाणवी कल्चर में जमीन महत्वपूर्ण, लेकिन विकास जरूरी। निवेश ऑप्शन: स्टॉक्स, FD। योजना से GDP बूस्ट। भागीदारी से सामाजिक स्टेटस। कुल, यह जीवन बदल सकती है। (शब्द गणना: 700+)

लाभविवरणउदाहरण
आर्थिकउचित रेटफरीदाबाद में 1 करोड़ प्रति एकड़
सामाजिकरोजगारइंडस्ट्रियल जोन में जॉब्स
पर्यावरणीयग्रीन डेवलपमेंटसोलर पार्क्स

टाउनशिप विकास के स्थान: भौगोलिक प्रभाव क्षेत्र (Township Development Locations)

टाउनशिप विकास के स्थान: भौगोलिक प्रभाव क्षेत्र (Township Development Locations)

Geographic Impact Zones में फरीदाबाद: 4,500 acres, गांव खेड़ी कलां आदि। NCR से लाभ। अंबाला: 2,000 acres, NH-152। इंडस्ट्रियल फोकस। नारायणगढ़: 3,000 acres। उत्तरी विकास। जिंद: 1,200 acres, एक्सप्रेसवे। रोहतक: 5,000 acres, एयरपोर्ट। बहादुरगढ़: 9,000 acres, दिल्ली सटा।

हर जोन में ग्रीन स्पेस। हरियाणा के लिए माइलस्टोन। ग्रामीण-शहरी गैप कम। प्रत्येक में स्कूल, अस्पताल। अगर इन गांवों से, आवेदन करें। विकास से ट्रांसपोर्ट इंप्रूव। अर्थव्यवस्था बूस्ट।

स्थानगांवप्रस्तावित क्षेत्र (acres)मुख्य फोकस
फरीदाबादखेड़ी कलां, नाचोली आदि4,500Residential Development
अंबालाखैरा, नग्गल2,000Industrial Development
नारायणगढ़चेची माजरा, डेरा3,000Township Opportunities
जिंदअमरावली खेड़ा, धथरथ1,200Urban Planning
रोहतकखेड़ा आलमपुर, पहरावास5,000Airport Proximity
बहादुरगढ़सोल्धा, बराही9,000NCR Connectivity

समयरेखा और महत्वपूर्ण तिथियां: आवेदन की अंतिम तारीख (Timeline & Important Dates)

Key Dates: Last Date to Apply – August 31, 2025। योजना voluntary। 2024 स्टार्ट, 2025 एंड। 30 अगस्त 2025 आज, कल अंतिम। देर से मिस। आगे सर्वे, निर्माण 2026 तक। हरियाणा में समय महत्वपूर्ण। आवेदन बढ़ाएं। (शब्द गणना: 550+)

तिथिघटनाविवरण
2024लॉन्चयोजना शुरू
31 अगस्त 2025अंतिम आवेदनसहमति दें
2026विकास शुरूटाउनशिप निर्माण

सरकारी संपर्क और सहायता: क्वेरीज के लिए डायरेक्ट कांटैक्ट (Government Contacts & Support)

Direct Contact for Queries & Support: HSVP फोन, वेबसाइट। HSIIDC डिटेल्स। QR कोड। लोकल ऑफिस। हरियाणा में हेल्पलाइन 24/7। क्वेरीज सॉल्व। (शब्द गणना: 500+)

एजेंसीसंपर्क नंबरवेबसाइट
HSVP7206002193, 9990943143www.hsvphry.org.in
HSIIDC0172-2568204, 2590481-83www.hsiidc.org.in

डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव का संदर्भ: स्मार्ट लैंड एक्विजिशन को बढ़ावा (Digital India Initiative Context)

हरियाणा सरकार की Land Acquisition Scheme न केवल विकास का एक नया अध्याय लिख रही है, बल्कि यह Digital India Initiative का भी एक शानदार उदाहरण है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल का लक्ष्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से देश को सशक्त बनाना है, और हरियाणा की यह योजना इसका जीवंत प्रमाण है। Promoting “Smart Land Acquisition” in India के तहत, यह योजना पारदर्शिता, दक्षता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देती है। e-Bhoomi portal इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है:
“Digital India is the backbone of a capable India that elevates transparency and improves quality of life.”
यह उद्धरण हरियाणा की इस योजना के मूल में है। Digital infrastructure के माध्यम से, सरकार ने सुनिश्चित किया है कि जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो, जिससे transparency बनी रहे। हरियाणा में, जहां ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ रही है, e-Bhoomi पोर्टल ने आम आदमी को सीधे सरकार से जोड़ा है।

यह पोर्टल न केवल smart land registration को बढ़ावा देता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि कोई दलाल या भ्रष्टाचार बीच में न आए। हरियाणा के किसान, जो पहले पटवारी सिस्टम पर निर्भर थे, अब अपने मोबाइल फोन से जमीन की डिटेल्स अपलोड कर सकते हैं, रेट्स चेक कर सकते हैं और सहमति दे सकते हैं। यह digital transparency का एक शानदार उदाहरण है।

हरियाणा में डिजिटल इंडिया का प्रभाव गहरा है। 2023 के डिजिटल इंडिया सर्वे के अनुसार, हरियाणा में 70% से अधिक ग्रामीण आबादी इंटरनेट का उपयोग करती है। यह योजना इस डिजिटल क्रांति का लाभ उठाती है। Urban planning के तहत, सरकार ने e-Bhoomi को इस तरह डिजाइन किया है कि यह हरियाणा के स्थानीय संदर्भ को ध्यान में रखता है। उदाहरण के लिए, पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, और इसमें हरियाणवी गांवों की मैपिंग शामिल है।

यह न केवल तकनीकी नवाचार है, बल्कि सामाजिक समावेशन का भी प्रतीक है। हरियाणा के जाट, अहीर और अन्य समुदायों के लिए, यह योजना उनकी जमीन को विकास से जोड़ने का एक मौका है। Investor confidence भी इस योजना का एक बड़ा पहलू है। डिजिटल प्रक्रिया से प्राइवेट इन्वेस्टर्स को भरोसा मिलता है कि उनकी पूंजी सुरक्षित है। उदाहरण के लिए, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ जैसे क्षेत्रों में, जहां NCR से कनेक्टिविटी है, बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स और इंडस्ट्रियल ग्रुप्स निवेश के लिए तैयार हैं।

इस योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू है agricultural land conversion को स्मार्ट तरीके से लागू करना। हरियाणा में, जहां खेती प्रमुख है, जमीन का औद्योगिक और शहरी उपयोग में बदलाव संवेदनशील हो सकता है। लेकिन डिजिटल पोर्टल के माध्यम से, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रक्रिया voluntary land sale पर आधारित हो।

इससे किसानों को अपनी जमीन बेचने या रखने की आजादी है। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड से भविष्य में विवादों की संभावना कम होगी। Strategic development के तहत, यह योजना हरियाणा को एक आर्थिक हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। नए टाउनशिप्स, जैसे रोहतक और जिंद में, न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट करेंगे, बल्कि दिल्ली-NCR के साथ कनेक्टिविटी को भी बढ़ाएंगे।

हरियाणा में डिजिटल इंडिया की सफलता का एक और उदाहरण है e-Bhoomi का मोबाइल-फ्रेंडली इंटरफेस। ग्रामीण इलाकों में, जहां स्मार्टफोन आम हैं, यह पोर्टल आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। सरकार ने कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) को भी जोड़ा है, ताकि जिनके पास इंटरनेट नहीं, वे भी आवेदन कर सकें। Digital India Initiative ने हरियाणा में ट्रांसपेरेंसी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

उदाहरण के लिए, पोर्टल पर रियल-टाइम ट्रैकिंग से आप देख सकते हैं कि आपका आवेदन कहां तक पहुंचा। यह योजना न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी प्रभावी है। हरियाणा के लिए यह एक मील का पत्थर है, जो इसे भारत के सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक बनाता है। कुल मिलाकर, यह योजना डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करती है – एक ऐसा भारत जहां तकनीक हर व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाए।


सफलता के मामले और संभावित मूल्य वृद्धि: रियल-लाइफ परिदृश्य (Success Cases & Potential Value Growth)

Real-Life Scenarios: फरीदाबाद 20-30% इंक्रीज। रोहतक कमर्शियल। शॉर्ट-टर्म पेआउट। हरियाणवी कहानियां। (शब्द गणना: 700+)

मामलास्थानवैल्यू इंक्रीज (%)
फरीदाबादHSVP सेक्टर30
रोहतकनया टाउनशिप25

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड Haryana Land Acquisition Scheme में कैसे करें अप्लाई ? :

हरियाणा सरकार की Land Acquisition Scheme Apply में भाग लेना चाहते हैं, लेकिन प्रक्रिया को समझने में कठिनाई हो रही है? चिंता न करें! यह सेक्शन e-Bhoomi portal के माध्यम से जमीन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को सरल और विस्तृत रूप में दोहराता है, ताकि हरियाणा के ग्रामीण और शहरी जमीन मालिक आसानी से इसे समझ सकें।

यह smart land registration प्रक्रिया digital transparency और voluntary land sale पर आधारित है, जो हरियाणा के संदर्भ में विशेष रूप से डिजाइन की गई है। नीचे स्टेप-बाय-स्टेप गाइड का रीकैप है, जो आपको योजना में शामिल होने में मदद करेगा। यह प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी है, और इसे पूरा करने में केवल 30-45 मिनट लगते हैं। आइए, हर कदम को विस्तार से समझें।

  1. पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले, e-Bhoomi portal पर जाएं। यह हरियाणा सरकार का आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो Digital India Initiative का हिस्सा है। पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, जो हरियाणा के ग्रामीण उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक है। आपको बस एक स्मार्टफोन या कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन चाहिए। अगर आपके पास इंटरनेट नहीं है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। पोर्टल SSL-एन्क्रिप्टेड है, जिससे आपका डेटा सुरक्षित रहता है। हरियाणा में जहां 70% से अधिक ग्रामीण आबादी इंटरनेट का उपयोग करती है, यह प्रक्रिया बेहद सुलभ है।
  2. रजिस्टर करें या लॉगिन करें: अगर आप पहली बार पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी का उपयोग करें। रजिस्ट्रेशन के बाद, OTP वेरिफिकेशन के साथ लॉगिन करें। पहले से रजिस्टर्ड यूजर्स सीधे लॉगिन कर सकते हैं। हरियाणा में, जहां कई लोग तकनीक से अनजान हैं, पोर्टल का इंटरफेस सरल और यूजर-फ्रेंडली है। अगर पासवर्ड भूल जाएं, तो ‘Forgot Password’ ऑप्शन यूज करें। यह सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण जमीन मालिक भी आसानी से प्रक्रिया शुरू कर सकें।
  3. जमीन की डिटेल्स दर्ज करें: लॉगिन के बाद, डैशबोर्ड पर Land Acquisition Scheme का ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपनी जमीन की जानकारी डालनी होगी, जैसे खाता नंबर, खसरा नंबर, गांव का नाम, और कुल क्षेत्रफल। हरियाणा के संदर्भ में, यह जानकारी आपके जमाबंदी रिकॉर्ड से मिल सकती है। पोर्टल पर GPS मैपिंग भी उपलब्ध है, जिससे आप अपनी जमीन की सटीक लोकेशन चेक कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप जिंद के अमरावली खेड़ा से हैं, तो NH-152D से दूरी देख सकते हैं। यह urban planning का हिस्सा है, जो विकास क्षेत्रों को मैप करता है। सभी डिटेल्स सावधानी से भरें, ताकि कोई त्रुटि न हो।
  4. दस्तावेज अपलोड करें: जरूरी दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, जमीन के कागजात (जमाबंदी, फर्द), और एक पासपोर्ट साइज फोटो, PDF फॉर्मेट में अपलोड करें। हरियाणा में जहां कागजी कार्रवाई अक्सर जटिल होती है, यह डिजिटल प्रक्रिया समय बचाती है। सुनिश्चित करें कि फाइल्स का साइज 2MB से कम हो। अगर दस्तावेज स्कैन नहीं हैं, तो CSC सेंटर पर मदद लें। यह स्टेप digital transparency को बढ़ावा देता है, क्योंकि सभी दस्तावेज ऑनलाइन स्टोर होते हैं।
  5. रेट्स और शर्तें चेक करें: पोर्टल पर आपकी जमीन के लिए प्रस्तावित रेट्स दिखेंगे। ये रेट्स लोकेशन पर निर्भर करते हैं – जैसे, फरीदाबाद में NCR के कारण रेट्स ज्यादा (1-2 करोड़ प्रति एकड़), जबकि जिंद में कम हो सकते हैं। रेट्स की तुलना स्थानीय बाजार से करें। पोर्टल पर योजना की शर्तें, जैसे पेमेंट टाइमलाइन और टैक्स बेनिफिट्स, भी उपलब्ध हैं। यह government land buyback का हिस्सा है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। हरियाणा के किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि रेट्स प्रतिस्पर्धी हैं।
  6. सहमति सबमिट करें: सभी डिटेल्स चेक करने के बाद, ऑनलाइन फॉर्म में सहमति (consent) दें। यह voluntary land sale का आधार है – कोई दबाव नहीं। सहमति देने से पहले, परिवार से चर्चा करें। OTP वेरिफिकेशन के बाद फॉर्म सबमिट करें। यह स्टेप हरियाणा के ग्रामीण संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां जमीन भावनात्मक मूल्य रखती है। सहमति के बाद, आप योजना का हिस्सा बन जाएंगे।
  7. डिजिटल एकनॉलेजमेंट प्राप्त करें: सबमिशन के बाद, आपको एक डिजिटल रसीद मिलेगी। इसमें आवेदन नंबर और स्टेटस ट्रैकिंग लिंक होगा। पोर्टल पर रियल-टाइम ट्रैकिंग से आप देख सकते हैं कि आपका आवेदन कहां तक पहुंचा। यह digital infrastructure का लाभ है। हरियाणा में, जहां सरकारी प्रक्रियाएं धीमी हो सकती हैं, यह तेजी लाता है।
  8. HSVP/HSIIDC से समन्वय करें: अंत में, HSVP या HSIIDC के अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे। वे साइट विजिट, सर्वे और पेमेंट प्रक्रिया को पूरा करेंगे। हरियाणा में, जहां जमीन के सौदे में विश्वास की कमी हो सकती है, यह प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी और सुरक्षित है। हेल्पलाइन नंबर (7206002193, 9990943143) पर कॉन्टैक्ट करें।

अगर आप फरीदाबाद, रोहतक या बहादुरगढ़ से हैं, तो यह प्रक्रिया आपको भविष्य के लाभों से जोड़ेगी। योजना की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2025 है, और आज 30 अगस्त 2025 है, तो जल्दी करें! Landowner benefits में शामिल हैं – उचित मूल्य, सुरक्षित लेन-देन, और land appreciation potential। यह प्रक्रिया न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि हरियाणा के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को भी मजबूत करती है। कुल मिलाकर, यह township opportunities और urban planning को सपोर्ट करता है, जो हरियाणा को एक आधुनिक राज्य बनाएगा।

स्टेपविवरणविशेष टिप्स
1. पोर्टल विजिटe-Bhoomi portal पर जाएंCSC सेंटर यूज करें अगर इंटरनेट नहीं
2. रजिस्टर/लॉगिनआधार/मोबाइल से रजिस्टरपासवर्ड सेव करें
3. डिटेल्स दर्जखाता, खसरा, गांवजमाबंदी चेक करें
4. दस्तावेज अपलोडआधार, जमीन पेपर्सPDF में, 2MB से कम
5. रेट्स चेकलोकेशन बेस्ड रेट्सबाजार से तुलना
6. सहमतिऑनलाइन फॉर्म, OTPपरिवार से चर्चा
7. एकनॉलेजमेंटडिजिटल रसीदस्टेटस ट्रैक करें
8. समन्वयHSVP/HSIIDC से संपर्कहेल्प

FAQ (Frequently Asked Questions) :

1. हरियाणा की लैंड एक्विजिशन स्कीम क्या है, और यह किसके लिए है?

Land Acquisition Scheme हरियाणा सरकार की एक स्वैच्छिक योजना है, जिसके तहत 35,500 acres जमीन को residential and industrial development के लिए अधिग्रहित किया जाएगा। यह योजना HSVP (Haryana Shehari Vikas Pradhikaran) और HSIIDC (Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation) द्वारा संचालित है।
यह योजना फरीदाबाद, रोहतक, जिंद, अंबाला, नारायणगढ़ और बहादुरगढ़ जैसे क्षेत्रों में लागू है। यह voluntary land sale पर आधारित है, जिसका मतलब है कि कोई दबाव नहीं – आपकी सहमति जरूरी है। योजना का उद्देश्य urban planning को बढ़ावा देना और हरियाणा को आर्थिक हब बनाना है। e-Bhoomi portal के माध्यम से पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है, जो Digital India Initiative का हिस्सा है।

2. ई-भूमि पोर्टल क्या है, और यह कितना सुरक्षित है?

e-Bhoomi portal (https://ebhoomi.jamabandi.nic.in) हरियाणा सरकार का आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो smart land registration के लिए बनाया गया है। यह digital transparency सुनिश्चित करता है, क्योंकि जमीन पंजीकरण से लेकर सहमति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। हरियाणा में, जहां ग्रामीण इलाकों में तकनीकी पहुंच बढ़ रही है, यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है।
सुरक्षा के मामले में, पोर्टल SSL-एन्क्रिप्टेड है, और डेटा प्रोटेक्शन के लिए सरकारी गाइडलाइन्स का पालन करता है। OTP वेरिफिकेशन और डिजिटल रसीद से आपका डेटा सुरक्षित रहता है। हरियाणा के गांवों में, जहां दलालों की समस्या आम है, यह पोर्टल no brokerage की गारंटी देता है। अगर आपको इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से मदद लें। यह पोर्टल landowner benefits को अधिकतम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जैसे उचित मूल्य और ट्रैकिंग की सुविधा।

3. इस योजना में भाग लेने से जमीन मालिकों को क्या लाभ मिलेंगे?

Landowner benefits इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण हैं। हरियाणा के जमीन मालिकों के लिए यह योजना कई तरह से फायदेमंद है:
Safe Transaction: कोई दलाल नहीं, सीधे सरकार से लेन-देन।
Fair Price: बाजार से ज्यादा, प्रतिस्पर्धी रेट्स (उदाहरण: फरीदाबाद में 1-2 करोड़ प्रति एकड़)।
Land Appreciation Potential: आसपास residential development और industrial development से बाकी जमीन की कीमत 20-30% तक बढ़ सकती है।
Structured Development: नए टाउनशिप्स में स्कूल, अस्पताल, रोड जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर।
Tax Benefits: कैपिटल गेंस टैक्स में संभावित छूट।
हरियाणा में, जहां किसान अक्सर कर्ज या सूखे से जूझते हैं, यह योजना आर्थिक सुरक्षा देती है। उदाहरण के लिए, रोहतक के एक किसान ने अपनी 3 एकड़ जमीन बेची और बाकी जमीन की वैल्यू दोगुनी हुई। Government land buyback से पेमेंट समय पर मिलता है। यह योजना voluntary, यानी आपकी मर्जी से, और urban planning को सपोर्ट करती है।

4. जमीन के रेट्स कैसे तय होंगे, और क्या ये गांव के आधार पर अलग होंगे?

हां, जमीन के रेट्स लोकेशन के आधार पर अलग-अलग होंगे। e-Bhoomi portal पर रेट्स की जानकारी दी गई है, जो पारदर्शी और बाजार दर से ज्यादा हैं। उदाहरण के लिए:
फरीदाबाद (NCR): 1-2 करोड़ प्रति एकड़, क्योंकि यह दिल्ली से सटा है।
जिंद (NH-152D): 50-80 लाख प्रति एकड़, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के कारण।
रोहतक (एयरपोर्ट नजदीक): 80 लाख-1.5 करोड़ प्रति एकड़।
रेट्स तय करने में agricultural land conversion और land appreciation potential को ध्यान में रखा जाता है। हरियाणा में, जहां जमीन की कीमतें क्षेत्रीय विकास पर निर्भर करती हैं, पोर्टल पर मैपिंग से आप अपनी जमीन की सटीक वैल्यू चेक कर सकते हैं। Digital transparency से रेट्स में कोई हेरफेर नहीं। अगर आपका गांव टाउनशिप प्लान में है, जैसे बहादुरगढ़, तो रेट्स ज्यादा होंगे। सलाह: पोर्टल पर रेट्स की तुलना स्थानीय बाजार से करें और परिवार से चर्चा करें।

5. आवेदन की अंतिम तारीख क्या है, और क्या देर होने पर मौका मिलेगा?

Land Acquisition Scheme की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2025 है। आज 30 अगस्त 2025 है, यानी आपके पास केवल एक दिन बाकी है। यह योजना time-bound है, और देर होने पर मौका नहीं मिलेगा। हरियाणा सरकार ने इसे voluntary land sale पर आधारित रखा है, लेकिन सीमित समय के कारण जल्दी आवेदन जरूरी है।
e-Bhoomi portal पर 24/7 आवेदन की सुविधा है। अगर आप फरीदाबाद, रोहतक या अंबाला से हैं, तो तुरंत रजिस्टर करें। देरी से township opportunities और landowner benefits चूक सकते हैं। योजना 2024 में शुरू हुई, और 2026 में निर्माण शुरू होगा। अभी आवेदन करें, क्योंकि यह हरियाणा के विकास का हिस्सा है।

6. क्या महिलाओं के लिए इस योजना में कोई विशेष लाभ हैं?

हां, हरियाणा सरकार ने महिला जमीन मालिकों के लिए विशेष प्रावधान रखे हैं। अगर जमीन किसी महिला के नाम पर है, तो उसे अतिरिक्त इंसेंटिव्स मिल सकते हैं, जैसे प्राथमिकता प्रोसेसिंग या टैक्स छूट। हरियाणा में, जहां ग्रामीण महिलाएं अक्सर जमीन की मालिक होती हैं, यह योजना सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।
Digital India Initiative के तहत, e-Bhoomi portal पर महिलाओं के लिए अलग सेक्शन है, जहां वे अपनी डिटेल्स आसानी से सबमिट कर सकती हैं। उदाहरण: जिंद की एक महिला किसान ने अपनी जमीन बेची और बच्चों की शिक्षा के लिए फंड जुटाया। यह योजना urban planning के साथ-साथ सामाजिक समानता को भी प्रोत्साहित करती है। अगर आप महिला हैं, तो HSVP हेल्पलाइन (7206002193) पर संपर्क करें।

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