What is Permaculture Farming: सस्टेनेबल कृषि के लिए प्रकृति से प्रेरित तरीके

What is Permaculture Farming: सस्टेनेबल कृषि के लिए प्रकृति से प्रेरित तरीके

Realzapp expert mr k yashwant
Written by Realzapp Expert

August 19, 2025

What is Permaculture Farming:  सस्टेनेबल कृषि के लिए प्रकृति से प्रेरित तरीके

What is Permaculture Farming? (परमाकल्चर फार्मिंग क्या है?)

क्या आपने कभी सोचा कि खेती ऐसी हो सकती है जो न सिर्फ फसल दे, बल्कि प्रकृति को भी ठीक करे? Permaculture farming एक ऐसी ही समग्र कृषि प्रणाली (sustainable agriculture) है जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर काम करती है। यह मिट्टी, पानी, पौधों और जानवरों को एक closed-loop system में जोड़ती है, ताकि अपशिष्ट (waste) कम हो और संसाधन लंबे समय तक बने रहें। इसे regenerative agriculture भी कहते हैं क्योंकि यह मिट्टी को पुनर्जनन (soil regeneration) करता है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता।

Permaculture शब्द “permanent agriculture” से आया है। इसे 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के Bill Mollison और David Holmgren ने शुरू किया। उनका विचार था कि अगर हम प्रकृति के नियमों (nature’s principles) का पालन करें, तो रासायनिक खादों (chemical fertilizers) या कीटनाशकों (pesticides) के बिना भी अच्छी उपज और टिकाऊ आय (sustainable income) मिल सकती है। आज जब soil degradation, water scarcity, और climate change जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, permaculture एक बेहतर विकल्प है।

पारंपरिक खेती (conventional farming) में रसायनों का उपयोग मिट्टी को कमजोर करता है और जैव विविधता (biodiversity) को नुकसान पहुंचाता है। वहीं, permaculture में companion planting, mulching, और rainwater harvesting जैसी तकनीकों से मिट्टी की उर्वरता (soil fertility) बढ़ती है और पानी की बचत होती है। उदाहरण के लिए, एक permaculture खेत में आप गेंदे के फूल (marigold) और टमाटर को साथ उगा सकते हैं, क्योंकि गेंदा कीटों को दूर रखता है। यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि किसानों की लागत (cost of production) भी कम करता है।

क्यों चुनें permaculture? यह टिकाऊ (sustainable), किफायती, और जलवायु के लिए लचीला (climate-resilient) है। अगर आप एक beginner हैं, तो छोटे स्तर पर शुरू करके आप इसे आसानी से सीख सकते हैं। इस ब्लॉग में हम permaculture के सिद्धांत, तकनीकें, फायदे, और भारत में इसके महत्व को आसान और actionable तरीके से समझेंगे।


Principles of Permaculture Farming (परमाकल्चर फार्मिंग के सिद्धांत)

Principles of Permaculture Farming

Permaculture farming के 12 सिद्धांत (permaculture principles) प्रकृति से प्रेरित हैं और इन्हें कोई भी beginner आसानी से लागू कर सकता है। ये सिद्धांत आपको यह समझने में मदद करते हैं कि खेत को कैसे डिजाइन करें ताकि वह लंबे समय तक टिकाऊ और उत्पादक रहे। मैं इन्हें एक छोटे किसान के नजरिए से समझाता हूं, जो अपनी एक एकड़ जमीन को permaculture farm में बदलना चाहता है।

  1. Observe and Interact (देखें और जुड़ें): सबसे पहले अपने खेत को समझें। मिट्टी कैसी है? पानी का बहाव कहां जाता है? सूरज की रोशनी कहां पड़ती है? उदाहरण: एक किसान ने अपने खेत में देखा कि बारिश का पानी ढलान से बह जाता है। उसने swales बनाकर पानी रोका और फसल की सिंचाई की।
  2. Catch and Store Energy (ऊर्जा संग्रह करें): सूरज, हवा, और पानी जैसी प्राकृतिक ऊर्जा को स्टोर करें। भारत में आप rainwater harvesting टैंक बनाकर बारिश का पानी बचा सकते हैं।
  3. Obtain a Yield (उपज लें): हमेशा कुछ न कुछ उत्पादन लें, जैसे फल, सब्जियां, शहद, या लकड़ी। उदाहरण: एक छोटा permaculture खेत टमाटर, मधुमक्खी पालन (beekeeping), और बांस की उपज दे सकता है।
  4. Apply Self-Regulation and Accept Feedback (स्व-नियंत्रण और फीडबैक): अपने खेत को मॉनिटर करें और गलतियों से सीखें। जैसे, अगर कीट बढ़ रहे हैं, तो companion planting आजमाएं।
  5. Use and Value Renewable Resources (नवीकरणीय संसाधन): सोलर पैनल, कम्पोस्ट, और हवा का उपयोग करें। भारत में कम्पोस्ट बिन बनाना आसान और सस्ता है।
  6. Produce No Waste (अपशिष्ट मुक्त): रसोई का कचरा कम्पोस्ट में, पशु गोबर खाद में बदलें। उदाहरण: गोबर और पत्तियों से vermicomposting शुरू करें।
  7. Design from Patterns to Details (पैटर्न से डिटेल्स): प्रकृति के पैटर्न देखें, जैसे पानी का बहाव, और उसी आधार पर डिजाइन करें।
  8. Integrate Rather Than Segregate (एकीकृत करें): मुर्गियों को फल के पेड़ों के नीचे रखें, जो कीट खाएंगी और गोबर से खाद बनेगी।
  9. Use Small and Slow Solutions (छोटे और धीमे समाधान): छोटे से शुरू करें। उदाहरण: एक 100 वर्ग मीटर प्लॉट पर no-till gardening शुरू करें।
  10. Use and Value Biodiversity (जैव विविधता): कई तरह की फसलें (polyculture) और पशु पालें। जैसे, मूंगफली और मिर्च साथ उगाएं।
  11. Use Edges and Value the Marginal (किनारों का उपयोग): तालाब के किनारे जलीय पौधे उगाएं (aquaculture)।
  12. Creatively Use and Respond to Change (परिवर्तन को अपनाएं): मौसम के हिसाब से फसल बदलें, जैसे गर्मी में बाजरा और सर्दी में गेहूं।

ये सिद्धांत सरल हैं, लेकिन इन्हें लागू करने से पहले अपने खेत का गहरा अध्ययन करें। एक भारतीय किसान, जो पहली बार permaculture आजमाना चाहता है, पहले मिट्टी परीक्षण (soil testing) और सूरज की दिशा (sun mapping) से शुरू कर सकता है। इससे डिजाइन सही होगा और मेहनत बचेगी।


Permaculture Techniques and Practices (परमाकल्चर की तकनीकें और तरीके)

Permaculture farming में तकनीकें ऐसी हैं जो प्रकृति के साथ काम करती हैं और beginner-friendly हैं। ये तकनीकें मिट्टी, पानी, और जैव विविधता को बढ़ाती हैं। मैं आपको हर तकनीक के साथ एक भारतीय उदाहरण दूंगा ताकि आप समझ सकें कि इसे अपने खेत या बगीचे में कैसे लागू करें।

  1. No-Till Gardening (बिना जुताई की खेती): जुताई से मिट्टी के सूक्ष्मजीव (microbes) नष्ट होते हैं। नो-टिल में आप मिट्टी को नहीं पलटते, बल्कि उस पर पत्तियां या घास डालते हैं। उदाहरण: राजस्थान के एक किसान ने अपने 1 एकड़ खेत में मल्चिंग (mulching) और नो-टिल अपनाया, जिससे पानी की जरूरत 30% कम हुई।
  2. Hügelkultur (ह्यूगेलकल्चर): सड़ी लकड़ी और जैविक सामग्री से ऊंचे बेड्स बनाएं। ये मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं और पानी रोकते हैं। उदाहरण: हिमाचल में एक बागवान ने सेब के पेड़ों के पास ह्यूगेल बेड्स बनाए, जो सर्दियों में भी नमी बनाए रखते हैं।
  3. Rainwater Harvesting (वर्षा जल संचयन): बारिश का पानी इकट्ठा करें। उदाहरण: गुजरात में एक किसान ने तालाब और स्वेल्स बनाकर 5000 लीटर पानी स्टोर किया, जिससे सूखे में भी फसल बची।
  4. Greywater Reuse (ग्रेवाटर पुन:उपयोग): रसोई और नहाने का पानी पौधों के लिए उपयोग करें। उदाहरण: पुणे में एक शहरी बगीचे में ग्रेवाटर से सब्जियां उगाई जा रही हैं।
  5. Food Forest (फूड फॉरेस्ट): जंगल की तरह बहु-स्तरीय रोपण, जैसे पेड़, झाड़ियां, और जमीन पर सब्जियां। उदाहरण: केरल में एक किसान ने नारियल, केला, और अदरक को एक फूड फॉरेस्ट में उगाया।
  6. Swales & Keyline Design: ढलान पर खाइयां (swales) बनाकर पानी रोकें। उदाहरण: महाराष्ट्र में swales ने बारिश के पानी को खेत में रोका, जिससे मूंगफली की फसल बढ़ी।
  7. Agroforestry & Silvopasture: पेड़ों और फसलों को साथ उगाएं, या पशुओं को पेड़ों के साथ रखें। उदाहरण: तमिलनाडु में एक किसान ने आम के पेड़ों के साथ मूंग उगाई और बकरियां पालीं।
  8. Composting & Vermicomposting: कचरे से खाद बनाएं। उदाहरण: उत्तराखंड में एक परिवार ने केंचुओं से कम्पोस्ट बनाकर टमाटर की उपज दोगुनी की।

इन तकनीकों को शुरू करने के लिए छोटे स्तर पर प्रयोग करें। उदाहरण के लिए, अपने बगीचे में एक छोटा कम्पोस्ट बिन बनाएं या 100 वर्ग फीट में नो-टिल गार्डन शुरू करें।


Permaculture Farming vs Conventional Farming (परमाकल्चर बनाम पारंपरिक खेती)

Permaculture farming और conventional farming में जमीन-आसमान का अंतर है। अगर आप एक नया किसान हैं, तो यह समझना जरूरी है कि पारंपरिक खेती (chemical farming) अल्पकालिक लाभ देती है, लेकिन मिट्टी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है। वहीं, permaculture लंबे समय तक टिकाऊ और किफायती है।

Conventional Farming में रासायनिक खादें (chemical fertilizers) और कीटनाशक (pesticides) का इस्तेमाल होता है। यह मोनोक्रॉपिंग (monoculture) को बढ़ावा देता है, यानी एक ही फसल बार-बार उगाई जाती है। इससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है (soil degradation), पानी की बर्बादी होती है, और जैव विविधता (biodiversity) नष्ट होती है। उदाहरण के लिए, पंजाब में गेहूं-चावल की मोनोक्रॉपिंग से मिट्टी थक गई और किसानों की लागत बढ़ी।

Permaculture Farming में प्रकृति के साथ काम किया जाता है। यह polyculture (कई फसलें) और companion planting को बढ़ावा देता है। जैसे, मक्का और बीन्स को साथ उगाना, जहां बीन्स मिट्टी में नाइट्रोजन डालती हैं। Permaculture में mulching, composting, और rainwater harvesting से मिट्टी स्वस्थ रहती है और पानी बचता है। यह closed-loop system बनाता है, जहां अपशिष्ट पुन:उपयोग होता है।

Comparison Table:

AspectConventional Chemical FarmingPermaculture Farming
Soil HealthDegrades due to fertilizersImproves with mulching, compost
BiodiversityLow (monocrop)High (polyculture, companion planting)
InputsHigh external inputsMostly natural, closed-loop
SustainabilityShort-termLong-term regenerative
CostHigh over timeLower after setup
Impact on EnvironmentPollution, erosionRestores ecosystems

Actionable Step: अगर आप conventional farming कर रहे हैं, तो पहले एक छोटे हिस्से में no-till gardening और companion planting आजमाएं। उदाहरण के लिए, मिर्च के साथ तुलसी लगाएं, जो कीटों को भगाएगी।

Permaculture vs Organic Farming (परमाकल्चर बनाम ऑर्गेनिक खेती)

Permaculture farming और organic farming दोनों ही रसायन-मुक्त हैं, लेकिन इनका दृष्टिकोण अलग है। अगर आप beginner हैं और सोच रहे हैं कि इनमें से कौन सा तरीका चुनें, तो यह सेक्शन आपके लिए है।

Organic Farming का मतलब है रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल न करना। लेकिन इसमें खेती का ढांचा पारंपरिक हो सकता है, जैसे मोनोक्रॉपिंग। उदाहरण के लिए, एक ऑर्गेनिक किसान सिर्फ गेहूं उगा सकता है, लेकिन रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक कीटनाशक (bio-pesticides) इस्तेमाल करता है। यह मिट्टी और पर्यावरण के लिए बेहतर है, लेकिन यह पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) को नहीं बदलता।

Permaculture Farming सिर्फ रसायनों को हटाने तक सीमित नहीं है। यह एक holistic design system है जो खेत को प्रकृति की तरह बनाता है। इसमें food forest, agroforestry, और greywater reuse जैसी तकनीकें शामिल हैं। उदाहरण के लिए, एक permaculture खेत में आप नारियल के पेड़, उसके नीचे सब्जियां, और पास में मुर्गियां पाल सकते हैं, जो एक-दूसरे की मदद करेंगी।

Comparison Table:

AspectOrganic FarmingPermaculture Farming
FocusInput substitution (no chemicals)Design & ecosystem integration
CroppingMonocrop possibleAlways diverse & polyculture
Philosophy“Do not use chemicals”“Design with nature”
BenefitsSafer foodClimate resilience, self-sufficiency

Actionable Step: अगर आप ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं, तो permaculture की ओर बढ़ने के लिए companion planting शुरू करें। जैसे, टमाटर के साथ गेंदा (marigold) लगाएं, जो कीटों को रोकेगा। अगला कदम rainwater harvesting टैंक बनाना हो सकता है।


Benefits of Permaculture Farming (परमाकल्चर खेती के लाभ)

Permaculture farming न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि यह किसानों और समुदाय के लिए भी कई फायदे लाती है। अगर आप beginner हैं, तो ये लाभ आपको इसे आजमाने के लिए प्रेरित करेंगे।

  1. Soil Health Improvement (मिट्टी की सेहत): Permaculture में mulching, composting, और nitrogen-fixing plants मिट्टी में कार्बन (soil carbon sequestration) बढ़ाते हैं। केंचुए (earthworms) और सूक्ष्मजीव (microbes) मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं। उदाहरण: उत्तराखंड में एक किसान ने कम्पोस्टिंग से 3 साल में मिट्टी की उर्वरता दोगुनी की।
  2. Biodiversity Enhancement (जैव विविधता): Polyculture और food forest से पक्षी, मधुमक्खियां, और परागणकर्ता (pollinators) बढ़ते हैं। यह कीट नियंत्रण (natural pest control) में मदद करता है।
  3. Climate Resilience (जलवायु लचीलापन): Swales और rainwater harvesting पानी की बचत करते हैं, जिससे सूखा (drought resistance) और बाढ़ में फसल सुरक्षित रहती है।
  4. Economic Benefits (आर्थिक फायदे): शुरुआती लागत के बाद, बाहरी इनपुट्स (external inputs) कम होते हैं। फल, सब्जियां, शहद, और लकड़ी से कई आय स्रोत (multiple income streams) बनते हैं।
  5. Lifestyle Benefits (जीवनशैली): Permaculture आत्मनिर्भरता (self-sufficiency) बढ़ाता है। आप अपने भोजन और संसाधनों पर कम निर्भर रहते हैं।

Benefits Overview Table:

BenefitPermaculture Impact
Soil FertilityHigh, long-term
Water UseVery efficient
ProfitabilitySustainable & growing
LaborReduced (long term)
Climate ResilienceHigh adaptability

Actionable Step: अपने बगीचे में vermicomposting शुरू करें। 1×1 मीटर का कम्पोस्ट बिन बनाएं और रसोई के कचरे से खाद बनाएं। यह मिट्टी की सेहत और उपज बढ़ाएगा।


How to Start Permaculture Farming (कैसे शुरू करें?)

Permaculture farming शुरू करना आसान है, अगर आप इसे step-by-step करें। यह गाइड beginner-friendly है और भारत के छोटे किसानों (1 एकड़ जमीन) के लिए डिज़ाइन की गई है।

  1. Observe Land & Climate (जमीन और मौसम देखें): अपने खेत का अध्ययन करें। मिट्टी का प्रकार, पानी का बहाव, और सूरज की दिशा नोट करें। उदाहरण: मध्य प्रदेश के एक किसान ने 2 महीने तक पानी के बहाव को देखकर swales बनाए।
  2. Soil Testing & Amendment (मिट्टी सुधार): मिट्टी की जांच करें और compost या biochar डालें। उदाहरण: बिहार में एक किसान ने गोबर और पत्तियों से कम्पोस्ट बनाया।
  3. Design Layout (डिजाइन): Zones और sectors बनाएं। Zone 1 में रोज़ाना देखभाल वाली फसलें (सब्जियां) और Zone 5 में जंगल रखें।
  4. Start Small (छोटे से शुरू): एक छोटा प्लॉट चुनें और no-till gardening या mulching शुरू करें। उदाहरण: 100 वर्ग मीटर में मूंगफली और तुलसी लगाएं।
  5. Add Perennials & Trees (बारहमासी पौधे): Food forest बनाएं, जैसे आम, केला, और अदरक।
  6. Build Closed-Loop System (बंद चक्र): Livestock (मुर्गियां), compost, और greywater reuse जोड़ें।
  7. Expand Gradually (धीरे बढ़ाएं): सफलता के बाद पूरे खेत में लागू करें।

उदाहरण (भारत): एक राजस्थानी किसान ने 1 एकड़ में शुरू किया। उसने swales बनाए, मूंग और बाजरा लगाया, और मुर्गियों को जोड़ा। 2 साल में उसकी लागत 50% कम हुई और उपज बढ़ी।

Actionable Step: अपने बगीचे में 1×1 मीटर का no-till plot शुरू करें। मल्चिंग के लिए सूखी पत्तियां और कम्पोस्ट डालें।


Permaculture Farming in India (भारत में परमाकल्चर )

भारत में permaculture farming तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह water scarcity, soil degradation, और climate change जैसी समस्याओं का समाधान देता है। यह Zero Budget Natural Farming (ZBNF) से मिलता-जुलता है, जो भारत में सुभाष पालेकर ने शुरू किया। Permaculture स्थानीय संसाधनों पर जोर देता है, जैसे गोबर, कम्पोस्ट, और वर्षा जल।

भारत में कई उदाहरण हैं। Navdanya (वंदना शिवा) और Himalayan Permaculture Projects permaculture को बढ़ावा दे रहे हैं। केरल, तमिलनाडु, और महाराष्ट्र में छोटे किसान food forests और agroforestry अपना रहे हैं। सरकार भी sustainable agriculture को बढ़ावा दे रही है, जैसे Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY)

UPSC Relevance: Permaculture UPSC के Environment and Ecology और Agriculture सिलेबस से जुड़ा है। यह sustainable development, climate resilience, और biodiversity conservation जैसे टॉपिक्स को कवर करता है। प्रश्न आ सकते हैं, जैसे: “भारत में सस्टेनेबल एग्रीकल्चर की चुनौतियां और समाधान।”

Actionable Step: अपने क्षेत्र में permaculture वर्कशॉप जॉइन करें या Navdanya जैसे संगठनों से संपर्क करें।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: What is permaculture farming in simple words?
A: Permaculture farming प्रकृति के साथ काम करने वाली खेती है, जो मिट्टी, पानी, और जैव विविधता को बचाती है और टिकाऊ उपज देती है।

Q2: Is permaculture profitable in India?
A: हां, फल, सब्जियां, शहद, और लकड़ी जैसे कई आय स्रोतों से यह लाभदायक है। शुरुआती लागत के बाद खर्च कम होता है।

Q3: What is the difference between permaculture and organic farming?
A: ऑर्गेनिक रसायनों से बचता है, लेकिन permaculture पूरे इकोसिस्टम को डिजाइन करता है, जैसे food forest और greywater reuse

Q4: How is permaculture different from conventional chemical farming?
A: Conventional farming रसायनों और मोनोक्रॉपिंग पर निर्भर है, जबकि permaculture प्रकृतिक संसाधनों और polyculture का उपयोग करता है।

Q5: What are the 12 principles of permaculture?
A: Observe and interact, catch and store energy, produce no waste, integrate rather than segregate, आदि। ये प्रकृति से प्रेरित हैं।

Q6: Can permaculture farming be done on small land?
A: हां, छोटे बगीचों में container gardening, vertical planting, और no-till से शुरू कर सकते हैं।

Q7: What is an example of permaculture in India?
A: केरल में एक किसान ने नारियल, केला, और अदरक का food forest बनाया, जो आत्मनिर्भर और लाभदायक है।

Q8: Is permaculture farming good for the environment?
A: हां, यह मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता, और जलवायु लचीलापन बढ़ाता है, जिससे पर्यावरण को लाभ होता है।

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