
जी हाँ ,हरियाणा में बसाई जाएगी अग्रसेन ग्लोबल सिटी, जो एक अत्याधुनिक संग्रहालय, 108 फीट ऊंचा अभया महालक्ष्मी मंदिर, और महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे के साथ पर्यटन को बढ़ावा देगी। मार्च 2025 से शुरू हुई पुरातात्विक खुदाई इंडस वैली सभ्यता के अवशेष उजागर कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से हरियाणा में बसाई जाएगी अग्रसेन ग्लोबल सिटी, जो राखीगढ़ी के साथ पर्यटन सर्किट बनाएगी।
कल्पना कीजिए, एक ऐसी सिटी जहां प्राचीन इतिहास की गूंज आधुनिकता की चमक से टकराती हो। जहां महाराजा अग्रसेन के 18 गोत्रों की विरासत पर बने 18 शहर आपको समय यात्रा पर ले जाएं। जहां 5 लाख एकड़ से ज्यादा का क्षेत्र न सिर्फ पर्यटन का केंद्र बने, बल्कि आर्थिक उछाल का प्रतीक भी। जी हां, हम बात कर रहे हैं हरियाणा के हिसार में विकसित हो रही “अग्रसेन ग्लोबल सिटी” की। यह कोई साधारण प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक सपना है जो हरियाणा को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान देगा।
महाराजा अग्रसेन का इतिहास: जहां से शुरू हुई कहानी
महाराजा अग्रसेन इतिहास – ये शब्द ही हमें प्राचीन भारत की उस दुनिया में ले जाते हैं जहां न्याय, समानता और व्यापार की नींव रखी गई। महाराजा अग्रसेन, जिन्हें अग्रवाल समुदाय के पितामह माना जाता है, लगभग 5000 साल पहले के राजा थे। उनकी राजधानी थी अग्रोहा, जो आज हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। महाभारत में इसे “अग्रोदक” के नाम से जाना जाता था। यहां से गुजरती थी प्राचीन व्यापारिक मार्ग, जो तक्षशिला से मथुरा तक जाती थी।
कल्पना कीजिए, 4वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 14वीं शताब्दी तक यहां निरंतर जीवन था। पुरातत्वविदों ने यहां इंडो-ग्रीक सिक्के, पंच-मार्क्ड कॉइन्स, टेराकोटा आर्टिफैक्ट्स, मुहरें और मूर्तियां खोजी हैं। ये सब बताते हैं कि अग्रोहा न सिर्फ राजनीतिक केंद्र था, बल्कि व्यापारिक हब भी। महाराजा अग्रसेन ने 18 महर्षियों के प्रतिनिधि रूप में 18 गोत्र स्थापित किए, जो आज अग्रवाल समाज की पहचान हैं। उनकी कहानी समानता की है – उन्होंने “एक ईंट, एक रुपया” का सिद्धांत दिया, जहां हर व्यक्ति समाज के निर्माण में योगदान देता था।
लेकिन समय के साथ अग्रोहा की चमक फीकी पड़ गई। 1354 में फिरोज शाह तुगलक ने हिसार-ए-फिरोजा (आज का हिसार) बसाया, और अग्रोहा एक टीले में सिमट गया। अब, 2025 में, हरियाणा सरकार इस टीले को फिर से जिंदा करने जा रही है। अग्रोहा पुरातात्विक स्थल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्लान है। क्या आप जानते हैं, खुदाई 44 साल बाद फिर शुरू हुई है? मार्च 2025 में ASI और हरियाणा राज्य पुरातत्व विभाग ने मिलकर काम शुरू किया। ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार से सर्वे हो चुका है, और 5 एकड़ जमीन पर खुदाई चल रही है। ये खुदाई न सिर्फ इतिहास उजागर करेगी, बल्कि अग्रसेन ग्लोबल सिटी की नींव मजबूत करेगी।
हरियाणा में बसाई जाएगी अग्रसेन ग्लोबल सिटी का ब्लूप्रिंट: क्षेत्रफल, शामिल इलाके और योजनाएं

अब आते हैं मुख्य टॉपिक पर – अग्रसेन ग्लोबल सिटी का क्षेत्रफल 2231 वर्ग किलोमीटर है, जो लगभग 5.51 लाख एकड़ से ज्यादा है। जी हां, ये कोई छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हरियाणा का सबसे बड़ा शहरी विकास योजना है। हिसार-अग्रोहा मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HAMDA) इसका मास्टर प्लान तैयार कर रही है।
शामिल इलाके: ये सिटी 18 गोत्रों पर आधारित 18 नगरों की रचना होगी। मुख्य रूप से हिसार, बरवाला, भुना, फतेहाबाद, भट्टू मंडी, आदमपुर और सीसवाल गांव के क्षेत्र शामिल होंगे। इसके अलावा, 20 किलोमीटर रेडियस में राखीगढ़ी, बनावली, बिरडाना, कुनाल जैसे इंडस सरस्वती साइट्स को भी इंटीग्रेट किया जाएगा। कल्पना कीजिए, एक सिटी जहां हर हिस्सा एक गोत्र का प्रतिनिधित्व करे – जैसे गोयल गोत्र का नगर व्यापार केंद्र बने, तो गर्ग गोत्र का शिक्षा हब।
योजनाएं: हरियाणा पर्यटन विकास का ये प्रोजेक्ट सिंगापुर और मॉरीशस जैसी शहरों से प्रेरित है। मुख्य आकर्षण:
- अत्याधुनिक संग्रहालय: खुदाई से मिले अवशेषों को यहां प्रदर्शित किया जाएगा। राखीगढ़ी की तर्ज पर, ये म्यूजियम इंटरएक्टिव होगा, जहां VR टेक्नोलॉजी से आप प्राचीन अग्रोहा घूम सकेंगे।
- 108 फीट ऊंचा अभया महालक्ष्मी मंदिर: 100 करोड़ की लागत से बन रहा है, जो धार्मिक पर्यटन को बूस्ट देगा।
- महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट: हिसार में 7200 एकड़ पर फेज 2 विकास, और 10,000 एकड़ का इंटीग्रेटेड एविएशन हब। ये सिटी को वैश्विक कनेक्टिविटी देगा।
- जियो टैगिंग और संरक्षण: आसपास के प्राचीन टीले जियो-टैग्ड होंगे और संरक्षित क्षेत्र घोषित।
- पर्यटन सर्किट: अग्रोहा को राखीगढ़ी और अन्य साइट्स से जोड़कर एक बड़ा टूरिज्म सर्किट बनाया जाएगा।
नायब सिंह सैनी पहल के तहत, 18 अगस्त 2025 को चंडीगढ़ में मीटिंग हुई, जहां मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। डॉ कमल गुप्ता घोषणाएं भी महत्वपूर्ण हैं – उन्होंने बताया कि ये सिटी हरियाणा शहरी विकास का मील का पत्थर बनेगी।
क्या आप सोच रहे हैं, ये सब कैसे संभव होगा? चलिए, अगले सेक्शन में देखते हैं आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व।
सांस्कृतिक धरोहर हरियाणा: क्यों है ये प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण?

सांस्कृतिक धरोहर हरियाणा में अग्रोहा जैसे साइट्स छिपे खजाने हैं। इंडस वैली सिविलाइजेशन हरियाणा से जुड़ी राखीगढ़ी दुनिया की सबसे बड़ी प्राचीन साइट है, और अग्रोहा उसका पड़ोसी। ये प्रोजेक्ट न सिर्फ इतिहास बचाएगा, बल्कि लाखों नौकरियां पैदा करेगा। अनुमान है कि पर्यटन से सालाना करोड़ों का राजस्व आएगा।
एंगेजिंग फैक्ट: क्या आप जानते हैं, अग्रसेन की बावली दिल्ली में है, लेकिन उनकी असली राजधानी अग्रोहा थी? ये सिटी अग्रसेन समुदाय को उनकी जड़ों से जोड़ेगी। 18 गोत्र अग्रसेन की विरासत को जीवंत बनाएगी – हर नगर में थीम्ड पार्क, जहां बच्चे खेलते हुए इतिहास सीखें।
पर्यटन के नजरिए से, वैश्विक पर्यटन हब हरियाणा बनना तय है। कल्पना कीजिए, विदेशी पर्यटक यहां आकर महाराजा अग्रसेन की कहानी सुनें, खुदाई साइट्स घूमें। पुरातत्व सर्वेक्षण भारत अग्रोहा को विश्व धरोहर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
लेकिन हर कहानी में चुनौतियां होती हैं। अगले सेक्शन में देखते हैं।
चुनौतियां और समाधान: सस्टेनेबल डेवलपमेंट अग्रोहा
सस्टेनेबल डेवलपमेंट अग्रोहा का मूल मंत्र है। चुनौतियां:
- पर्यावरणीय प्रभाव: इतने बड़े क्षेत्र में विकास से जल संरक्षण की समस्या। समाधान: ग्रीन बिल्डिंग्स और रेनवाटर हार्वेस्टिंग।
- स्थानीय विरोध: किसान जमीन अधिग्रहण से चिंतित। सरकार ने फेयर कंपेंसेशन का वादा किया है।
- फंडिंग: हजारों करोड़ की जरूरत। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
खुदाई अग्रोहा 2025 में तेजी से चल रही है, जो चुनौतियों को अवसर में बदल रही है। ऐतिहासिक शहर हरियाणा को नई पहचान मिलेगी।
भविष्य की संभावनाएं: एक ग्लोबल डेस्टिनेशन का सपना

भविष्य में, अग्रसेन ग्लोबल सिटी हिसार ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट का चेहरा बनेगी। यहां इंटरनेशनल स्कूल्स, हॉस्पिटल्स, शॉपिंग मॉल्स होंगे। महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से दिल्ली-NCR सिर्फ 2 घंटे दूर।
स्टोरी: कल्पना कीजिए, आप यहां घूम रहे हैं – सुबह मंदिर में पूजा, दोपहर संग्रहालय में VR टूर, शाम थीम्ड पार्क में। ये सिटी युवाओं को रोजगार देगी, बुजुर्गों को विरासत।
अग्रोहा संग्रहालय योजना से एजुकेशनल टूरिज्म बढ़ेगा। राखीगढ़ी कनेक्शन हरियाणा को इंडस वैली का केंद्र बनाएगा।
निष्कर्ष: एक नई शुरुआत का आह्वान
दोस्तों, अग्रसेन ग्लोबल सिटी हरियाणा की आत्मा है – जहां अतीत वर्तमान से मिलता है। 5 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बसने वाली ये सिटी हमें सिखाती है कि जड़ें मजबूत हों तो आसमान छूना आसान है। अगर आप हरियाणा से हैं, तो गर्व कीजिए; अगर नहीं, तो घूमने आइए।
क्या आपको लगता है ये प्रोजेक्ट भारत को बदल देगा? कमेंट्स में बताएं। अधिक जानकारी के लिए हरियाणा सरकार की वेबसाइट चेक करें। धन्यवाद!
अग्रसेन ग्लोबल सिटी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. अग्रसेन ग्लोबल सिटी क्या है?
अग्रसेन ग्लोबल सिटी हरियाणा के हिसार जिले में 2231 वर्ग किलोमीटर (लगभग 5.51 लाख एकड़) क्षेत्रफल में विकसित की जा रही एक महत्वाकांक्षी शहरी और सांस्कृतिक परियोजना है। यह महाराजा अग्रसेन के 18 गोत्रों पर आधारित 18 नगरों की परिकल्पना पर बनाई जा रही है, जिसमें हिसार, बरवाला, भुना, फतेहाबाद, भट्टू मंडी, आदमपुर, और सीसवाल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य अग्रोहा को वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
2. इस परियोजना का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
अग्रोहा, महाराजा अग्रसेन की प्राचीन राजधानी, इंडस वैली सभ्यता का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। पुरातात्विक खुदाई में यहां इंडो-ग्रीक सिक्के, टेराकोटा मूर्तियां, और प्राचीन व्यापारिक अवशेष मिले हैं। यह परियोजना महाराजा अग्रसेन इतिहास को जीवंत करेगी और अग्रोहा को विश्व पुरातात्विक मानचित्र पर नई पहचान देगी।
3. अग्रसेन ग्लोबल सिटी में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
इस परियोजना में शामिल हैं:
अत्याधुनिक संग्रहालय: अग्रोहा पुरातात्विक स्थल से प्राप्त अवशेषों को प्रदर्शित करने के लिए, VR टेक्नोलॉजी के साथ।
108 फीट ऊंचा अभया महालक्ष्मी मंदिर: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।
महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट: हिसार में 7200 एकड़ पर विकसित, वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
पर्यटन सर्किट: राखीगढ़ी और अन्य इंडस सरस्वती साइट्स से जोड़ा जाएगा।
18 थीम्ड नगर: प्रत्येक नगर एक गोत्र का प्रतिनिधित्व करेगा, जिसमें थीम्ड पार्क, स्कूल, और हॉस्पिटल्स होंगे।
4. इस परियोजना की शुरुआत किसने की और इसे कौन संचालित कर रहा है?
नायब सिंह सैनी पहल के तहत, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 18 अगस्त 2025 को चंडीगढ़ में इस परियोजना पर चर्चा की। डॉ कमल गुप्ता घोषणाएं के अनुसार, हिसार-अग्रोहा मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HAMDA) इसका मास्टर प्लान तैयार कर रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और हरियाणा राज्य पुरातत्व विभाग खुदाई अग्रोहा 2025 में शामिल हैं।
5. इस परियोजना का क्षेत्रफल कितना है और कौन-कौन से इलाके शामिल हैं?
अग्रसेन ग्लोबल सिटी का क्षेत्रफल 2231 वर्ग किलोमीटर (लगभग 5.51 लाख एकड़) है। इसमें हिसार, बरवाला, भुना, फतेहाबाद, भट्टू मंडी, आदमपुर, और सीसवाल गांव शामिल हैं। इसके अलावा, राखीगढ़ी, बनावली, बिरडाना, और कुनाल जैसे प्राचीन स्थल भी पर्यटन सर्किट का हिस्सा होंगे।
6. यह परियोजना पर्यटन को कैसे बढ़ावा देगी?
हरियाणा पर्यटन विकास की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है। अग्रोहा को वैश्विक पर्यटन हब हरियाणा बनाने के लिए:
अत्याधुनिक संग्रहालय और VR टेक्नोलॉजी पर्यटकों को प्राचीन अग्रोहा की सैर कराएगी।
राखीगढ़ी कनेक्शन हरियाणा के साथ एक टूरिज्म सर्किट बनेगा।
धार्मिक स्थल जैसे अभया महालक्ष्मी मंदिर तीर्थयात्रियों को आकर्षित करेंगे।
थीम्ड पार्क और एजुकेशनल टूरिज्म बच्चों और युवाओं को इतिहास से जोड़ेगा।
7. अग्रोहा में पुरातात्विक खुदाई का क्या महत्व है?
पुरातत्व सर्वेक्षण भारत अग्रोहा और हरियाणा राज्य पुरातत्व विभाग ने मार्च 2025 में 44 साल बाद खुदाई शुरू की। ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार सर्वे के साथ 5 एकड़ जमीन पर काम चल रहा है। प्राचीन अग्रोहा टीला से मिले अवशेष इंडस वैली सभ्यता और अग्रसेन युग की कहानी बताएंगे, जो सांस्कृतिक धरोहर हरियाणा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएंगे।
8. इस परियोजना से स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
अग्रसेन ग्लोबल सिटी लाखों नौकरियां पैदा करेगी, खासकर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में। हरियाणा शहरी विकास के तहत इंटरनेशनल स्कूल्स, हॉस्पिटल्स, और शॉपिंग मॉल्स स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देंगे। किसानों के लिए फेयर कंपेंसेशन की योजना है, और सस्टेनेबल डेवलपमेंट सुनिश्चित करेगा कि पर्यावरण सुरक्षित रहे।
9. क्या यह प्रोजेक्ट राखीगढ़ी से कैसे जुड़ा है?
अग्रोहा और राखीगढ़ी कनेक्शन हरियाणा महत्वपूर्ण है। दोनों इंडस वैली सभ्यता के प्रमुख केंद्र हैं और 20 किमी के दायरे में हैं। अग्रसेन ग्लोबल सिटी का पर्यटन सर्किट राखीगढ़ी, बनावली, और अन्य साइट्स को जोड़ेगा, जिससे एक बड़ा ऐतिहासिक टूरिज्म हब बनेगा।

