Cash Deal से Property खरीदना कानूनी है या नहीं Income Tax Rules, Penalty और Safe Tips (2025 Guide)

भारत में Cash Deals in Real Estate: Cash Payment पर कानून और Risk

Realzapp expert mr k yashwant
Written by Realzapp Expert

October 16, 2025

अगर आप भारत में property investment करने की सोच रहे हैं, तो एक सवाल जो हर investor के मन में घूमता है – “Cash Deals in Real Estate in India क्यों इतना common है?” जी हां, रियल एस्टेट मार्केट में cash deals का चलन आज भी जोरों पर है। लेकिन असली सच क्या है? क्या ये सिर्फ convenience की बात है, या इसके पीछे tax evasion और black money की पूरी कहानी छिपी है? भारत में आज भी रियल एस्टेट डील्स का एक बड़ा हिस्सा Cash में होता है। चाहे बात resale property की हो, commercial दुकान की या किसी plot की — buyer और seller अक्सर कहते हैं,

भारत में Cash Deals in Real Estate: Cash Payment पर कानून और Risk

“कुछ amount cheque में कर देते हैं और बाकी cash में कर देना… safe रहेगा।”

लेकिन क्या यह सच में safe है? क्या property cash में खरीदना legal है? Income Tax या RERA को कैसे पता चलता है? Cash देने पर कोई proof नहीं रहता — तो ऐसे में dispute हुआ तो क्या होगा? सबसे बड़ा डर — Income Tax Notice और 100% penalty

इस ब्लॉग में हम बिना घुमाए, साफ और practical तरीके से समझेंगे:

✅ Cash deal पर कानून क्या कहता है
✅ 2025 में Income Tax के rules क्या हैं
✅ ₹2 लाख cash limit की सच्चाई
✅ Cash deal पकड़ी कैसे जाती है
✅ Risk कैसे avoid करें और yatırım सुरक्षित कैसे करें
✅ Investor-friendly legal checklist भी देंगे (PDF download)

Cash Deals in Real Estate होती क्या है?

Table of Contents

रियल एस्टेट में cash deal का मतलब है property का कुछ या पूरा payment banking channel की जगह नकद (cash) में करना।
उदाहरण:

Exampleकैसा Cash Deal माना जाएगा?
Buyer Seller को ₹5 लाख cash में देता हैIllegal (Penalty Possible)
Registry ₹30 लाख में लेकिन ₹10 लाख cash अलगHigh Risk + Tax Violation
₹1.5 लाख cash + ₹10 लाख chequeStill Risky
पूरा transaction bank transfer/Neft/RTGS100% Safe

👉 Important: Cash लेना या देना दोनों ही पक्षों के लिए risk है – Buyer भी फँस सकता है और Seller भी।

क्या Property Cash में खरीदना Legal है?

सीधी बात: भारत में Property खरीदने या बेचने में Cash लेना–देना Limited Condition में ही Legal है
अगर cash limit cross हो गई या rule तोड़ा गया तो Income Tax Act के तहत penalty और notice दोनों आ सकते हैं।

सरकार का main focus यह है कि सारी property transactions banking system के अंदर हों, ताकि black money और tax चोरी रोकी जा सके। इसलिए Income Tax Department ने cash पर कड़े नियम लागू किए हैं—जो हर buyer और investor को पता होने चाहिए।

Income Tax Act: Cash Payment पर क्या कानून है?

Income Tax Act: Cash Payment पर क्या कानून है?
SectionRuleलागू किस पर होता है?
Section 269SS₹20,000 से ज्यादा loan या deposit cash में नहीं ले सकतेBuyer & Seller
Section 269STकिसी एक transaction में ₹2,00,000 से ज्यादा cash मना हैProperty Deals पर लागू
Section 271DRule तोड़ने पर 100% penaltyBuyer & Seller दोनों
Benami Act 2016Source नहीं बताया तो property benami घोषित हो सकती हैBuyers beware

✅ ₹2 लाख Cash Limit का Real मतलब (सबसे ज़्यादा confusion यहीं होती है)

बहुत लोग सोचते हैं —

“₹2 लाख तक cash दे सकते हैं, उससे ऊपर नहीं।”

लेकिन यह half truth है।
Section 269ST के अनुसार:

❌ आप ₹2,00,000 cash total transaction में नहीं दे सकते
❌ इसे break करके भी नहीं दे सकते
✅ चाहे installment में दो, फिर भी illegal होगा

उदाहरण:

SituationLegal or Illegal?
₹1.5 लाख cash single day मेंAllowed but risky
₹50,000 × 5 दिन (total ₹2.5 लाख cash)❌ Illegal
Token ₹1 लाख cash + बाकी onlineRisky
Full payment NEFT/RTGS/Bank Cheque✅ 100% Safe

Cash Payment Risky क्यों है? (Real Problems & Consequences)

भारत में property में cash deal बहुत common है, लेकिन इसी में सबसे ज़्यादा legal और financial risk छिपे होते हैं। Investor और व्यवसायी practical सोचते हैं—“काम हो जाना चाहिए”, लेकिन कानून में छोटी गलती भी बड़ा नुकसान करा सकती है। यहाँ सबसे बड़े risk समझिए:


⚠️ 1. Income Tax Penalty – Amount का 100% Fine

अगर cash transaction Section 269ST violate कर दे, तो Income Tax Department जितना cash दिया/लिया गया है उतनी ही penalty लगा सकता है

📌 Example
आपने seller को ₹8,00,000 cash दिया
👉 पकड़े जाने पर ₹8,00,000 extra penalty + IT inquiry + source proof


⚠️ 2. Source of Income proof देना मुश्किल

Income Tax सबसे पहले पूछेगा:

“इतना cash आया कहाँ से?”

अगर आप source नहीं साबित कर पाए → income concealment माना जाएगा → IT raid + penalty + interest + scrutiny


⚠️ 3. Legal proof नहीं – पैसे फँसने का खतरा

Cash का proof नहीं होता, और बाद में seller पलट गया तो?
कोई bank trail नहीं, agreement नहीं – case करने पर भी payment prove नहीं कर पाओगे


⚠️ 4. Property Benami मानी जा सकती है

अगर cash deal में source clear नहीं है, तो Benami Property Act, 2016 लागू हो सकता है।
नतीजा: Property सीधी सरकार के पास जा सकती है


⚠️ 5. Registry में कम amount दिखाना = Double Risk

बहुत deals में लोग registry कम amount की करवाते हैं और बाकी cash देते हैं।
ये सीधा Stamp Duty Fraud + Tax Evasion माना जाता है।



🔴 Real Case Study: Gurgaon Cash Property Deal पर IT Notice

Buyer: Businessman from Gurugram
Property Type: Resale Apartment
Deal Size: ₹52 लाख
Official Registry: ₹40 लाख
Cash Paid: ₹12 लाख (unrecorded)

6 महीने बाद Income Tax Department ने buyer को notice भेजा:

“Explain source of ₹12,00,000 cash within 15 days – Section 269ST violation suspected।”

क्यों पकड़ा गया?
→ Payment seller के bank account से suspicious cash deposit के रूप में दिखा।
→ Buyer ने cash trail prove नहीं किया → ₹12 लाख penalty + scrutiny

Learning:
✅ Cash deal short term में आसान लगती है
❌ Long term में Tax + Legal टेंशन पक्का

Cash Deal पकड़ी कैसे जाती है? Income Tax को कैसे पता चलता है?

बहुत लोग सोचते हैं कि cash payment पता ही नहीं चलता। लेकिन सच ये है कि Income Tax Department आज हर बड़ी property transaction को monitor करता है – thanks to AI data tracking + PAN linking + बैंक रिपोर्टिंग सिस्टम। नीचे वो तरीके हैं जिनसे cash deal आसानी से पकड़ी जाती है:


🔍 Cash Deal पकड़े जाने के 7 तरीके

#कैसे पकड़ा जाता हैक्या होता है
1Seller के bank account में अचानक cash depositBank suspicious report करता है
2Property संचालन में registry value & market value mismatchIT पूछताछ करता है
3Seller buyer से PAN collect करता है during registryTransaction trace हो जाता है
4Form 26AS और AIS में cash entry reflectDirect IT scrutiny
5Registrar office cash report share करता हैCash suspicion रिपोर्ट बनती
6किसी third party की शिकायतDirect investigation
7WhatsApp/SMS chat trail, screenshot proofLegal evidence में शामिल होता है

💡 Important:

Income Tax के पास AIS (Annual Information Statement) नाम का एक system है, जो financial data trace करता है—bank deposits, property buys, loan repayments—सब link होता है PAN से।
👉 इसलिए “किसी को पता नहीं चलेगा वाला समय अब चला गया है”


⚠️ High-Risk Profiles for Cash Deal Scanning

Income Tax इन categories पर ज़्यादा नजर रखता है:

✅ Property buyers paying partial or full cash
✅ Commercial property deals
✅ Cash-rich businesses (retailers, builders, dealers)
✅ Businessmen जिन्होंने पिछले साल कम income दिखायी
✅ Property purchased in spouse/relative name (Benami suspicion)

Seller कैश क्यों मांगते हैं? पीछे की असली वजहें

✔️ Black money को छुपाने की रणनीति – कुछ seller कैश में payment लेकर undeclared पैसे सुरक्षित रखना चाहते हैं।
✔️ Property का undervaluation – Registry में कम value दिखाकर stamp duty और taxes बचाने की चाल।
✔️ Tax बचाने के स्मार्ट (लेकिन risky) तरीके – कुछ deals में partial cash लेकर TDS या capital gains tax कम करने की कोशिश होती है।

पैसे की लेन–देन में गलतियाँ जो आपको जेल तक पहुँचा सकती हैं

Real Estate में cash लेने–देने की कुछ गलतियाँ सीधे भारी पेनल्टी + जेल तक पहुँचा सकती हैं:

गलतीपरिणाम
₹20,000 से ज़्यादा कैश डीलIT Act 269SS उल्लंघन – 100% Penalty
Cash में एडवांस लेनाIllegal माना जाएगा
Property Registry value से कम दिखानाBenami Transaction माना जा सकता है
Buyer/Seller के PAN बिना transactionSuspicious Declaration
Cash में Loan देना/लेनाNon-banking fraud + penalty
Source of cash explain न कर पानाIT Raid + Seizure

बेइमानी vs स्मार्ट टैक्स प्लानिंग – फर्क समझें

बेइमानी (Illegal)स्मार्ट टैक्स प्लानिंग (Legal)
कैश से डील करनाबैंक ट्रांसफर/RTGS से डील
Registry value कम दिखानाCircle rate के हिसाब से डील
Source of cash छुपानाIncome proof + capital gain exemption
Benami asset खरीदनाLegal ownership रखकर खरीदना
Black money convert करनाLegal investment + tax compliance

कैसे करें Safe और Legal Property Transaction (Action Plan)

✅ ये Steps Follow करें ताकि Income Tax, ED या Registry Dept से कोई दिक्कत न हो:

✔️ बैंक RTGS/NEFT/IMPS या Cheque से payment करें
✔️ Sale agreement में full amount clearly mention करें
✔️ PAN + Aadhaar + Address proof दोनों पक्ष लें
✔️ TDS 1% कटेगा अगर property ₹50 लाख से ऊपर है
✔️ Buyer को Form 26QB + TDS certificate issue करना होगा
✔️ Seller अगर किसान है तो Agriculture proof जोड़ें
✔️ Payment schedule paper पर करें (कानूनी सुरक्षा)


Legal Documents List (Checklist)

Legal Documents List (Checklist)

DocumentMandatory?
Sale Agreement✅ Required
Sale Deed✅ Required
PAN Card (Buyer & Seller दोनों)✅ Required
Payment Proof (Bank Statement/RTGS)✅ Required
GST Invoice (Commercial Deal में)✅ Depends
NOC from Society/Authority✅ Required
Property Tax Receipt✅ Required
Encumbrance Certificate✅ Recommended
Title Report✅ Recommended

Cash Deal पकड़ी जाती है या नहीं?

हाँ ✅ आज Income Tax AI-based tracking tools चला रहा है:

  • High-value cash transaction पकड़े जाते हैं
  • Bank locker cash भी scan होता है
  • Property purchase data AIR report में जाता है
  • PAN linked transactions automatically track होते हैं

कैसे चले IT Raid? Red Flags

🔴 IT Department के लिए सबसे बड़ा signal:

  • अकाउंट में अचानक बड़ा transaction
  • Business income कम लेकिन property ज्यादा
  • Fake loan दिखाना
  • Property undervalue में दिखाना
  • Cash deposit 10 लाख+ within 1 FY

💡 निष्कर्ष:
Cash deal short term में आसान लगता है, लेकिन long-term में legal, financial और compliance risk बहुत ज्यादा है। Businessman और Investor हमेशा legal, documented और transparent transactions अपनाएँ।

FAQ

Q1: ₹2 लाख से ऊपर cash property में legal है?

A1: नहीं, illegal है। Penalty 100% तक हो सकती है।

Q2: Cash deal पकड़ी कैसे जाती है?

A2: Bank, PAN, Registry mismatch, AIS report, third-party complaints।

Q3: Cash deal में risk कैसे कम करें?

A3: Bank transfer/RTGS, legal agreement, PAN + proof।

Q4: Benami property क्या होती है?

A4: Source unclear cash deal या relative name में property → illegal → government claim possible।

Q5: क्या resale property में cash देना safe है?

A5: Short term में आसान लग सकता है, legal risk high।

Q6: Seller cash क्यों मांगते हैं?

A6: Stamp duty बचाने, black money, negotiation leverage।

Q7: Income Tax penalty कितनी हो सकती है?

A7: Section 269ST violation → 100% of cash amount।

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